هذا الكتاب يُعدُّ من المصنفات المعاصرة المختصة ببيان مفهوم الهجر القرآني، أي الهجر في قراءة القرآن وعلاقته بالقراءات المختلفة، وقد حاز على عدة مقدمات من علماء معروفة في النسخة الإلكترونية المتاحة. يتضمن المؤلِّف في محاوره عرضًا لكيفية وقوع الهجرات في القراءات، وأنواعها من حيث ما يُهجر من الحروف أو الكلمات، والأسباب التي دعت إليها، ثم يشرح أثر هذه الهجرات على الأداء القرائي والمعنى، ويُقارن بين الروايات التي فيها هجر وبين تلك التي عدم الهجر فيها، مع دلائل من المصاحف والروايات. المنهج في هذا الكتاب يميل إلى المنهج التحليلي المقارن، حيث يجمع المؤلِّف بين النقل من المصادر القرائية والنقد الصوتي، ثم يعمد إلى الموازنة بين الروايات، مع إبراز ما هو أقوى من الأدلة في كل موقف. من المميزات الفنية والعلمية في الكتاب أن اللغة المستخدمة فصيحة مقبولة، والأسلوب منظم من تمهيد وتعريف إلى عرض الأمثلة وتحليلها، ويشتمل على مقدمات من علماء تثري القراءة الأولية للعمل، كما أن الموضوع يُعد من الموضوعات الدقيقة التي تحتاج إلى تشريح وبسط، فاختيار “الهجر القرآني” موضوع خصب لم يُعطَ في كثير من المصادر حقه الكافي. الفئة المستهدفة من هذا الكتاب هم طلبة علوم القرآن والقراءات والعاملون بالدراسات القرائية، وكذلك المقرئون الذين يريدون فهماً أعمق للهجر وموقفه من الرواية، فضلاً عن الباحثين في النقد الصوتي القرائي. والقيمة العلمية والثقافية التي يضيفها هذا العمل تتمثل في إلقائه ضوءًا على ظاهرة متخصصة بين القراءات، وتوضيح كيفية التعامل معها في الأداء والتفسير، مما يثري فهمنا لمرونة الاختلاف القرائي وتأثيره على النص، ويعدّ مرجعًا يُستند إليه في البحوث التي تتناول الهجر ومقارنات القراءات في التطبيق الصوتي واللغوي.
الفهرس
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الصفحة |
الموضوع |
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1 |
مقدمة الدكتور سعيد بن مسفر القحطاني |
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3 |
مقدمة الشيخ عبد الله بن مانع |
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4 |
مقدمة الدكتور محمود بن أحمد الدوسري |
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6 |
مقدمة الطبعة الثالثة |
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9 |
مقدمة الطبعة الأولى |
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11 |
سبب تأليف الكتاب |
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12 |
منهج الكتاب |
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15 |
تمهيد |
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17 |
الفصل الأول: معنى هجر القرآن |
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22 |
الخلاصة |
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23 |
الفصل الثاني: عاقبة هجر القرآن |
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31 |
حكم الهجر |
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32 |
أنواع هجر القرآن |
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35 |
الباب الأول: هجر التلاوة |
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39 |
الفصل الأول: أسباب هجر التلاوة |
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39 |
معنى التلاوة لغة واصطلاحاً |
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41 |
أولاً: أسباب هجر التلاوة |
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41 |
الجهل بفضل تلاوة القرآن الكريم |
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43 |
الانشغال بالدنيا |
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44 |
الفتور وضعف الهمة |
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46 |
تقديم طلب العلوم الأخرى على القرآن |
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48 |
الغزو الفكري والحرب المعلنة ضد القرآن |
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51 |
الفصل الثاني: صور من هجر التلاوة |
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53 |
التلحين في القراءات |
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55 |
جمع القراءات في مجلس واحد |
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56 |
بدع قراءة الفاتحة |
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57 |
بدعة أخذ الفأل من المصحف |
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58 |
قراءة القرآن عند القبر |
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60 |
قراءة القرآن للأموات |
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61 |
الفصل الثالث: أحوال الناس مع القرآن |
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63 |
نقل عن الحافظ ابن حجر |
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66 |
هؤلاء هجروا تلاوة القرآن |
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66 |
بعض الأئمة |
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67 |
بعض الأغنياء |
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68 |
بعض قراء القرآن |
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68 |
المتصوفة |
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69 |
بعض المثقفين |
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69 |
بعض العامة |
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70 |
جماعة اللهو والعبث |
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71 |
الفصل الرابع: فضل تلاوة القرآن الكريم |
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73 |
تلاوة القرآن تحصيل للأجر العظيم |
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75 |
تلاوة القرآن سبب لتنزل السكينة |
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75 |
كرامة قارئ القرآن |
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76 |
أ- في الدنيا |
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76 |
ب -في القبر |
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77 |
ج - في يوم القيامة |
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80 |
الترغيب في قراءة سور وآيات مخصوصة |
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80 |
الفاتحة أعظم سورة في القرآن |
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80 |
سورة البقرة حصن يمنع من الشيطان |
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81 |
آية الكرسي أعظم آية في القرآن |
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83 |
فضل سورة آل عمران |
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84 |
سورة الكهف حصن يعصم من الدجال |
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85 |
سورة الفتح . يحبها رسول الله ﷺ |
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85 |
سورة تبارك تمنع من عذاب القبر |
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86 |
سورة الكافرون تعدل ربع القرآن |
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86 |
سورة الإخلاص تعدل ثلث القرآن |
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87 |
فضل المعوذتين |
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88 |
شبهة والرد عليها |
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89 |
أحاديث ضعيفة للتحذير منها |
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89 |
أحاديث ضعيفة في فضل القرآن |
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91 |
أحاديث ضعيفة في فضل قراءة القرآن عند المقابر |
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92 |
أحاديث ضعيفة في فضائل السور |
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95 |
دعاء الحفظ الضعيف |
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97 |
الفصل الخامس: آداب وأحكام تلاوة القرآن الكريم |
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99 |
آداب تلاوة القرآن |
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101 |
صفة قراءة النبي ﷺ |
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102 |
هديه في القراءة في الصلاة |
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105 |
في كم يقرأ القرآن؟ |
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109 |
أيهما أفضل القراءة من المصحف أم عن ظهر قلب ؟ |
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109 |
هل الجهر بالقراءة أفصل أم الإسرار ؟ |
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110 |
هل يجوز مس المصحف من غير طهارة ؟ |
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112 |
هل يجوز قراءة القرآن للجنب والحائض ؟ |
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114 |
سجود التلاوة |
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116 |
حكم سجود التلاوة في الأوقات المكروهة |
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116 |
سجود المستمع لسجود القارئ |
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118 |
حكم نسيان القرآن |
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120 |
حكم تقليد صوت القارئ |
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124 |
حكم القراءة من المصحف في الصلاة |
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129 |
الباب الثاني: هجر استماع القرآن |
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131 |
الفصل الأول: استماع القرآن |
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133 |
معنى السماع |
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135 |
فضائل استماع القرآن |
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135 |
استماع القرآن سبب لرحمة الله |
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137 |
استماع القرآن سبب لتحصيل الأجر العظيم |
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137 |
استماع القرآن وهداية الإنسان |
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138 |
استماع القرآن وتحصيل النور |
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139 |
آداب استماع القرآن الكريم |
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143 |
سبب هجر استماع القرآن |
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149 |
الفصل الثاني: أقسام الناس في سماع القرآن |
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151 |
الصنف الأول |
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151 |
الصنف الثاني |
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154 |
الصنف الثالث |
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155 |
الصنف الرابع |
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157 |
فتاوى مهمة في استماع القرآن |
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163 |
الفصل الثالث: نماذج من استماع القرآن الكريم |
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165 |
استماع الله - عز وجل |
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167 |
ما معنى استماع الله ؟ |
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170 |
استماع الملائكة |
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173 |
استماع النبي ﷺ |
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177 |
استماع الكفار |
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183 |
ضعف خبر الطفيل وعمر بن الخطاب - رضي الله عنهما |
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184 |
بطلان قصة الغرانيق |
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185 |
استماع الجن |
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190 |
استماع النصارى |
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195 |
الفصل الرابع: صور من هجر استماع القرآن |
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197 |
الصياح والغشي عند استماع القرآن |
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198 |
شرب الدخان في مجلس القرآن |
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199 |
الاستماع إلى الغناء |
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200 |
أدلة تحريم الغناء |
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203 |
الباب الثالث: هجر تدبر القرآن |
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205 |
الفصل الأول: تدبر القرآن |
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207 |
أولاً : معنى التدبر |
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208 |
ثانياً: حكم التدبر |
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210 |
ثالثاً: فوائد تدبر القرآن وثمراته |
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213 |
الفصل الثاني: هجر تدبر القرآن |
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215 |
أولاً : أسباب هجر تدبر القرآن الكريم |
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216 |
الذنوب والمعاصي |
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217 |
ترك الدعاء |
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218 |
الجهل باللغة العربية |
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220 |
عدم التخلي عن موانع الفهم |
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221 |
هجر كتب التفسير |
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224 |
ثانياً: كيف تتدبر القرآن الكريم؟ |
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224 |
الطريق العلمي |
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225 |
الطريق العملي |
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229 |
الفصل الثالث: المقامات العليا في التدبر |
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231 |
أولاً: التدبر في القرآن الكريم |
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234 |
تدبر القرآن من صفات المؤمنين |
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236 |
عتاب من الله للمؤمنين |
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237 |
ثانياً: تدبر الرسول ﷺ |
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239 |
ثالثاً: تدبر القرآن في سير السلف الصالح |
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239 |
أبو بكر الصديق الله |
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239 |
عمر بن الخطاب له |
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239 |
عبد الله بن عمر بن الخطاب |
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240 |
عباد بن بشر |
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240 |
الحسن البصري - رحمه الله |
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241 |
الربيع بن خثيم - رحمه الله |
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241 |
مطرف بن عبدالله - رحمه الله |
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242 |
من قصص تدبر القرآن الكريم |
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245 |
الباب الرابع: هجر العمل بالقرآن الكريم |
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247 |
الفصل الأول: العمل بالقرآن بين الترغيب والترهيب |
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249 |
اقتضاء العلم للعمل |
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253 |
وجوب العمل بالقرآن الكريم |
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256 |
الترغيب في العمل بالقرآن الكريم |
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256 |
العمل بالقرآن الكريم سبب للهداية في الدنيا والآخرة |
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257 |
العمل بالقرآن الكريم سبب للفلاح في الدنيا والآخرة |
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257 |
العمل بالقرآن الكريم سبب للرحمة في الدنيا والآخرة |
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258 |
العمل بالقرآن الكريم سبب للشفاعة في الآخرة |
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258 |
العمل بالقرآن الكريم سبب لتكفير الذنوب وإصلاح البال |
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260 |
الترهيب من هجر العمل بالقرآن الكريم |
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260 |
هاجر العمل بالقرآن الكريم له مثل السوء |
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260 |
هاجر العمل بالقرآن يعذب في قبره إلى قيام الساعة |
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261 |
هاجر العمل بالقرآن وقود النار يوم القيامة |
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261 |
هجر العمل بالقرآن الكريم من أسباب الفتنة |
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263 |
الفصل الثاني: أسباب هجر العمل بالقرآن الكريم |
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265 |
العادات والتقاليد |
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266 |
الخوف على الدنيا والحرص عليها |
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268 |
فتنة الأئمة المضلين |
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271 |
الفصل الثالث: العمل بالقرآن في واقع السلف |
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274 |
نماذج من عمل الصحابة بالقرآن الكريم |
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274 |
نماذج عامة |
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276 |
نماذج خاصة |
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276 |
صديق الأمة الله |
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277 |
فاروق الأمة الله |
|
278 |
أبو طلحة الأنصاري الله |
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280 |
أبو الدحداح له |
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281 |
ثابت بن قيس |
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282 |
معقل بن يساره |
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283 |
زينب بنت جحش - رضي الله عنها |
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285 |
الباب الخامس: هجر التداوي والاستشفاء بالقرآن الكريم |
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287 |
الفصل الأول: المرض |
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289 |
تعريف المرض |
|
289 |
أنواع المرض |
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291 |
ماذا يعني المرض عند المسلم |
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294 |
الأمر بالتداوي |
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296 |
أنواع الطب |
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296 |
حكم التداوي |
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297 |
الدعاء من أنفع الأدوية |
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299 |
القرآن علاج وشفاء |
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300 |
أحاديث ضعيفة في فضل التداوي بالقرآن |
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304 |
الفصل الثاني: الصرع |
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305 |
تعريف الصرع |
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306 |
الأدلة على إثبات الصرعي |
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308 |
أنواع الصرع |
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309 |
أسباب الصرع |
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311 |
أسباب انتشار ظاهرة الصرع |
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315 |
الفصل الثالث: الرقية الشرعية |
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317 |
تعريف الرقية |
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317 |
حكم الرقية وشروطها |
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319 |
أقسام الرقى |
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319 |
أولاً : باعتبار الراقي |
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322 |
ثانياً: باعتبار زمن الرقية |
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323 |
بعض الرقى لعلاج الصرع والسحر |
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323 |
الرقى من القرآن |
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324 |
الرقى النبوية |
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325 |
بدع وأخطاء المعالجين |
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326 |
الحوار مع الجن وتصديقهم |
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328 |
الاستعانة بالجن في العلاج |
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331 |
استرضاء الجن بالذبح له |
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331 |
الاعتماد على التجربة |
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334 |
التوسع في أخذ الأجر على الرقية |
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335 |
التفرغ للرقية |
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336 |
علاج النساء |
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337 |
الابتداع في الأذكار |
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339 |
الفصل الرابع: صور من هجر التداوي |
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341 |
إتيان السحرة والعرافين |
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342 |
علامات يعرف بها الساحر |
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344 |
تعليق التمائم |
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346 |
الاستشفاء بتربة القبور |
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346 |
إتيان الكنائس |
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347 |
حرز أبي دجانة |
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349 |
الباب السادس: هجر التحاكم بالقرآن |
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353 |
الفصل الأول: أسباب الحكم بغير ما أنزل الله |
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354 |
أولاً : الجهل بأحكام الشريعة الإسلامية |
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356 |
ثانياً: انعدام الإيمان وضعفه |
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358 |
ثالثاً: الجمود الفكري والتعصب المذهبي |
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359 |
الانحرافات والمآخذ على المذاهب الفقهية |
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361 |
رابعاً: عقبة أعداء الإسلام |
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362 |
دعاة على أبواب جهنم |
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363 |
عقبة الحكام |
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363 |
عقبة الكفار |
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367 |
الفصل الثاني: وجوب تحكيم الشريعة الإسلامية |
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374 |
ثمرات تطبيق الشريعة الإسلامية |
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375 |
تجربة واقعية في العصر الحاضر |
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379 |
الفصل الثالث: الحكم بغير ما أنزل الله في الميزان |
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381 |
خطر التكفير |
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383 |
أقوال علماء الإسلام في تحكيم القوانين |
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390 |
أحوال الحاكم بغير ما أنزل الله |
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391 |
الآثار السيئة المترتبة على الحكم بغير ما أنزل الله |
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393 |
الفصل الرابع: صور من تحكيم الشريعة |
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397 |
النموذج الأول |
|
398 |
النموذج الثاني |
|
400 |
النموذج الثالث |
|
401 |
الخاتمة |
|
403 |
الفهرس |